मातृष्वसा मातुलानी श्लोक का अर्थ
*मातृष्वसा मातुलानी*
*श्वश्रूरथ पितृस्वसा।*
*संपूज्या गुरुपत्नीवत्*
*समास्ता गुरुभार्यया।।*
अर्थात - मौसी, मामी, सास और बुआ यह सब गुरुपत्नी (गुरुमाता) जैसी पूज्या हैं; अतः गुरुपत्नीवत् इन सभी का आदरसत्कार करना चाहिये।
*🙏💐🌻मङ्गलं सुप्रभातम्🌻💐🙏*

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