अभ्यावहति कल्याणं विविधं वाक् सुभाषिता श्लोक का अर्थ


 

*अभ्यावहति कल्याणं*

*विविधं वाक् सुभाषिता।* 

*सैव दुर्भाषिता राजन्*

*अनर्थायोपपद्यते॥*


अर्थात - मीठे शब्दों में बोली गई बात हितकारी होती है और उन्नति के मार्ग खोलती है लेकिन यदि वही बात कटुतापूर्ण शब्दों में बोली जाए तो दुःखदायी होती है और उसके दूरगामी दुष्परिमाण होते हैं।


*🙏💐🌻मङ्गलं सुप्रभातम्🌻💐🙏*

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