सत्यं माता पिता ज्ञानं धर्मो भ्राता दया सखा श्लोक का अर्थ


सुभाषितम्

सत्यं माता पिता ज्ञानं धर्मो भ्राता दया सखा । 

शान्तिः पत्नी क्षमा पुत्रः षडेते मम बान्धवाः ॥


भावार्थ- सत्य मेरी माता, ज्ञान मेरे पिता, धर्म मेरा बन्धु, दया मेरा सखा, शांति मेरी पत्नी तथा क्षमा मेरा पुत्र है, ये छः मेरे पारिवारिक सदस्य हैं इसलिए इनका आश्रय लेना चाहिए।

 

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